भव्य कलश यात्रा के साथ 45 वां महायज्ञ का हुआ शुभारंभ
देवघर जिले के चितरा यज्ञ मैदान में नौ दिवसीय श्री श्री 1008 विष्णु महायज्ञ आयोजन को लेकर स्थानीय दुखिया बाबा शिव मंदिर प्रांगण से भव्य कलश यात्रा निकाली गई। इसके समापन के बाद भूमि पूजन कर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ महायज्ञ का शुभारंभ हो गया। मंत्रों के गूंज से इलाके में भक्ति की बयार बहने लगी।
निर्धारित समय के पूर्व इस 45 वां महायज्ञ पर कलश यात्रा में शामिल होने के लिए कुंवारी कन्याओं, महिलाओं व आम श्रद्धालुओं में होड़ मच गई। एक घंटा पूर्व से शिव मंदिर परिसर में जमावड़ा लगना प्रारंभ हुआ। तय समय पर गाजा बाजा के साथ भव्य कलश यात्रा निकाली गई।
देवी देवताओं का जयकारा लगाते हुए सभी घीया पोखर गए। यज्ञाचार्य संजय मिश्रा अगुवाई में यजमान नित्यानंद राय दंपति को जल थल मातृका पूजन कराया गया। कलश में जल भरकर मां दुखिया बाबा शिव मंदिर, छिन्नमस्तिका काली मंदिर, बजरंगबली मंदिर, दुर्गा मंदिर का परिक्रमा कलश यात्री व श्रद्धालु यज्ञ मैदान पहुंचे। मंडप का शुद्धिकरण कर यहां विधि विधान के साथ भूमि पूजन कराया गया। इसके उपरांत यज्ञ मंडप में प्रवेश कर गए। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ महायज्ञ का शुभारंभ हो गया।
व्यवस्था पर आस्था भारी: यज्ञ समिति के दावे पर यकीन करें तो प्रतिवर्ष श्रद्धालुओं की उमड़ती भीड़ को देखकर ग्यारह हजार कलश की व्यवस्था की। भीड़ के आगे व्यवस्था कम हो गई और व्यवस्था पर आस्था भारी पड़ गई। बड़ी संख्या में महिलाएं व कुंवारी कन्याएं खुद से कलश खरीद कर या बिना कलश के ही यात्रा में शामिल हुए। यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं की संख्या पंद्रह हज़ार से कम नहीं आती जा सकती है।
दर्जनों गांव के श्रद्धालु हुए शामिल: चितरा, नई व पुरानी कॉलोनी,भवानीपुर, बरमरिया,दुधीचुंआं, दमगढ़ा, तुलसी डाबर, खून, मुर्गाबनी, जमुआ, ताराबाद, सिकदारडीह, तिलैया, नावाडीह, धमना, आसनबनी,मोढा़बारी सहित दर्जनों गांव के श्रद्धालु यात्रा में शामिल।




