सादगी के साथ मनाया विश्व आदिवासी दिवस

यूं तो देवघर जिले के बगदाहा स्थित सिदो कान्हू स्मारक स्थल पर विश्व आदिवासी दिवस धूमधाम से मनाया जाता रहा है। लेकिन झारखंड के जननायक दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन से झामुमो समर्थक अत्यंत दुखी हैं और सदमे से उबर नहीं पाए हैं। ना ही उनका श्राद्ध कर्म पूरा हुआ है। इस सूरतेहाल में सादगी के साथ शनिवार को विश्व आदिवासी दिवस मनाया गया।
संथाल विद्रोह के नायक सिदो कान्हू की प्रतिमा पर माल्यार्पण करके भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।जिसमें मुख्य अतिथि झारखंड आंदोलनकारी चिन्हितीकरण आयोग के सदस्य श्री नरसिंह मुर्मू ने कहा कि बाबा जननायक शिबू सोरेन हमारे बीच नहीं रहे। इससे बड़ा दुख हम सभी झारखंड मुक्ति मोर्चा के समर्थकों को क्या हो सकता है। जिन्होंने हमें आत्म सम्मान के साथ जीना सिखाया। जब तक शरीर में प्राण है। उन्हें भुलाया नहीं जा सकता है। रोम रोम उनका ऋणी है। उनके साथ बिताए हुए पल याद आते रहते हैं। वे यादें कभी मिट नहीं सकती हैं। ऐसे में विश्व आदिवासी दिवस कैसे उत्साह पूर्वक मनाऊं। यह हो ही नहीं सकता है। इस अवसर पर गुरुजी अमर रहे के गगन भेदी नारे लगाए गए। मौके पर पुर्व मुखिया देवेंद्र मुर्मू , युधिष्ठिर सिंह यादव, मुखिया गोलक बिहारी यादव, जिला परिषद सदस्य मिशिल हांसदा, शंकर टुडू, विजय कोल, सनाउल अंसारी, दीपक सिंह, सुरेश मंडल,दिलीप मरांडी ,इंद्रासन बास्की, सुबेश मुर्मू सनातन टुडू, चुनवा टुडू, बाबूश्वर किस्कू, अमितेस्वर हेंब्रम, सुभाष मुर्मू,बबलू हांसदा,उमेश मंडल, बमभोला महतो, बाबू महतो, बुधन राय वह अन्य मौजूद थे




