बारिश पर आस्था भारी, बड़ी संख्या में बाबा दुबे की भक्तों ने की पूजा
कलयुग में रुद्रावतार के रूप में मान्यता प्राप्त बाबा दुबे की वार्षिक पूजा सोमवार को दुधीचुआं व तिलैया में धूमधाम से की गई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने बाबा के दरबार में आकर अपनी उपस्थिति दर्ज की। भक्तों ने श्रद्धा भक्ति के साथ पूजा अर्चना कर परिवार के सदस्यों के सुखद, स्वस्थ व समृद्ध जीवन की कामना की।लगातार बारिश होने के बाद भी बाबा दुबे के दरबार में श्रद्धालु भक्त अपनी उपस्थिति दर्ज करने से पीछे नहीं हटे। वार्षिक पूजा के पूर्व तक श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। बारिश पर आस्था भारी पड़ा। ऐसी मान्यता है कि बाबा दुबे भगवान रुद्र के एक अवतार माने जाते हैं। विषैले जीव जंतु उनके प्रिय प्राणी हैं। प्राचीन काल से संथाल परगना के ग्रामीण इलाकों में बाबा दुबे की वार्षिक पूजा सावन माह के सोमवारी में करने की परंपरा चली आ रही है। यूं तो उनकी पूजा अर्चना सालों भर चलती रहती है। परंतु वर्ष में एक बार उनकी विशेष पूजा होती है। वह भी सावन महीने के सोमवार तिथि को। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार दूधीचुआं गांव में पुजारी गुही गोस्वामी ने विधि विधान के साथ बाबा की पूजा व्रत रखकर की। गौरमनी गोस्वामी, परमेश्वर, सुभाष,त्रिलोच त्रिघुन, शंकर, धीरेंद्र, प्रदीप, मनोज, दिलीप आदि आदि गोस्वामी परिवार ने सामूहिक रूप से सारी व्यवस्था की। महाप्रसाद के रूप में श्रद्धालु भक्तों के बीच खीर वितरण किया। इसके पहले पूजा सामग्रियों के साथ श्रद्धालु भक्तों ने दोनों गांव में अलसुबह से पूजा अर्चना करना प्रारंभ किया और यह दोपहर बाद तक चलता रहा। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने बाबा की भक्ति भाव से पूजा की गई। यह भी उल्लेखनीय है कि झमाझम बारिश के बावजूद भक्त पूजा करने से पीछे नहीं हटे।




