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स्वर्वेद कथा की रसधारा में डूबा देवघर

दिव्य वाणी ने हृदय-हृदय में जगाई नई चेतना

संत प्रवर विज्ञान देव जी महाराज ने कहा कि जहां प्रेम की पूर्णता है। वहीं परमात्मा का वास है। जहां सत्य, श्रद्धा समर्पण, सेवा भाव है वहीं आत्मा का कल्याण और परमात्मा का प्रकाश है। वे राष्ट्रव्यापी स्वर्वेद सन्देश यात्रा के क्रम में देवघर स्थित शांति कोठी मे आयोजित जय स्वर्वेद कथा एवं ध्यान साधना सत्र में उपस्थित सभी श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे।

कहा कि भारतीय संस्कृति ने विरासत के रूप में आध्यात्मिकता को मानव कल्याण के लिए सहज रूप में प्रदान किया है। जो धर्म से लेकर मोक्ष की यात्रा कराती है। जो विश्व की आदि संस्कृति, विश्ववारा संस्कृति है। धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष की चतुःसूत्री ही भारतीय संस्कृति का आधार है। कहा कि जब मन शांत हो जाता है, तब आत्मा का वास्तविक प्रकाश प्रकट होता है।मन पर नियंत्रण किए बिना अध्यात्म में पूर्णता प्राप्त नहीं की जा सकती। स्वर्वेद की वाणी मन के अंधकार को मिटाती है।‌ उन्होंने विहंगम योग के क्रियात्मक योग साधना को सिखाया। कहा कि *यह साधना खुद से खुद की दूरी मिटाने के लिए है।

*युवाओं को संदेश*:

युवा’को उलट देने से ‘वायु’ हो जायेगा। जिसमें वायु के समान वेग है, उत्साह है, उमंग है, उल्लास है, वह ही युवा है। जो हताश नहीं है, जो निराश नहीं है, जो परिस्थितियों का दास नहीं है, बल्कि उनका स्वामी है, जो लक्ष्य के साथ जीता है, वही युवा है। जो सबके लिए उपयोगी है, जो लक्ष्य से भटकता नहीं है, वही युवा है”। युवा देश का भविष्य ही नहीं, वह वर्तमान भी है।वार्षिक उत्सव: “समर्पण दीप अध्यात्म महोत्सव” विहंगम योग संत समाज के 102वें वार्षिकोत्सव एवं 25,000 कुण्डीय स्वर्वेद ज्ञान महायज्ञ के निमित्त संत प्रवर श्री विज्ञान देव जी महाराज द्वारा 29 जून को संकल्प यात्रा का शुभारंभ कश्मीर की धरती से हो चुका है।

हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात, राजस्थान, हरियाणा, चंडीगढ़,उत्तर प्रदेश, बिहार के बाद झारखण्ड में गतिमान है। इसी क्रम में देवघर आए। 25 -26 नवम्बर 2025 को विशालतम ध्यान-साधना केंद्र (मेडिटेशन सेंटर) स्वर्वेद महामंदिर, वाराणसी के पावन परिसर में 25,000 कुण्डीय स्वर्वेद ज्ञान महायज्ञ होना है।मौके पर महिला प्रभारी अनिता कुमारी, प्रधान संयोजक निवास मंडल, जिला संयोजक प्रदीप कुमार, जिला प्रचार मंत्री महेंद्र प्रसाद राणा, पूर्व कृषि मंत्री रणधीर सिंह, संतोष साहनी, पूनम सिंह, सुकदेव यादव, जितेन मंडल, दिलीप ठाकुर, मनोज राय समेत बड़ी संख्या में इस पंथ के अनुयाई मौजूद थे

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