सौहार्दपूर्ण माहौल में कार्यकारिणी सदस्यों की बैठक हुई



उप मुखिया सहित वार्ड सदस्यों ने डराने धमकाने का आरोप लगाया
देवघर जिले के सारठ प्रखंड के पमला पंचायत में भ्रष्टाचार चरम पर है। इसके खिलाफ वर्षों से उप मुखिया सहित वार्ड सदस्यों ने मोर्चा खोल रखा है। बावजूद इसके यह थमने का नाम नहीं ले रहा है। लाखों रुपए जिससे विकास कार्य होना था। वह ठप है। विकास की थमी गाड़ी को गति देने के लिए पंचायत मुख्यालय में शुक्रवार को प्रखंड विकास पदाधिकारी चंदन कुमार की उपस्थिति में सौहार्दपूर्ण माहौल में कार्यकारिणी समिति के सदस्यों की बैठक हुई। वहीं उप मुखिया सुमन मल्लिक सहित वार्ड सदस्यों ने डराने धमकाने का आरोप लगाया। कहा कि गबन व घोटाले पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। अन्यथा लोग जेल में होते।
बैठक के बारे में प्रखंड विकास पदाधिकारी ने बताया कि लंबे समय से वार्ड सदस उप मुखिया आदि कार्यकारी समिति की बैठक में शामिल नहीं हो रहे थे या फिर शामिल होकर उपस्थिति दर्ज नहीं करते थे। जबकि उनकी उपस्थिति में हुई इस बैठक में अधिकांश सदस्य शामिल हुए। सौहार्दपूर्ण माहौल में यह बैठक हुई। सदस्यों ने अपनी अपनी समस्याएं रखी। उन्होंने पंचायत सचिव, बीपीआरओ श्रीकांत मंडल को आवश्यक दिशा निर्देश दिया। ताकि उनकी शिकायतों का निदान किया जा सके। उन्होंने कहा कि सदस्यों के बीच सहमति नहीं बन पाने के कारण लगभग 60 70 लाख राशि खर्च नहीं हो रही थी। इसके अलावा और राशि आने वाली है। सब खर्च हो जाने पर पंचायत में विकास का एक नया आयाम लिखा जाएगा। डराने धमकाने का आरोप: उप मुखिया सुमन मल्लिक वार्ड सदस्य संजय महतो, पुतुल राय, प्रीति टुडू,सुगुम सोरेन ने आरोप लगाया कि डरा धमका कर बैठक की उपस्थित पंजी में हस्ताक्षर कराया गया। यह भी आरोप लगाया कि पंचायत में अनियमितता का बाजार गर्म है। घपले की लंबी फेहरिस्त बन गई है। लेकिन घोटाले बाज के खिलाफ शिकायत करने पर भी उनके सेहत पर फर्क नहीं पड़ रहा है।यह भी कहा कि उनकी शिकायतों की जांच पड़ताल के बाद कार्रवाई नहीं होती है तो वे लोग सामूहिक रूप से इस्तीफा दे देंगे। मुखिया मदन कोल, उत्तम सिंह, अर्जुन मल्लिक, बापी राय, विनोद सोरेन, राहुल भोक्ता,पुतुल राय,प्रीति टुडू वह अन्य मौजूद थे।



